Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

दिल्ली के यमुना बाजार में 310 परिवारों को मकान खाली करने का मिला नोटिस

15 दिन के भीतर घर खाली करने के निर्देश, प्रशासन ने दी बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी।
Bureau
Bureau News Desk
07 May 2026
09:22 PM
1 min read
दिल्ली के यमुना बाजार में 310 परिवारों को मकान खाली करने का मिला नोटिस
हाइलाइट्स
15 दिन के भीतर घर खाली करने के निर्देश, प्रशासन ने दी बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी।

 

राजधानी दिल्ली के निगम बोध घाट स्थित यमुना बाजार इलाके में रहने वाले करीब 310 परिवारों को दिल्ली प्रशासन की ओर से मकान खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत यह कार्रवाई करते हुए लोगों को 15 दिनों के भीतर अपने घर और सामान हटाने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में इलाके को संभावित आपदा जोखिम वाला क्षेत्र बताते हुए बाढ़ और जन सुरक्षा का हवाला दिया गया है।

 

प्रशासन के अनुसार, यह पूरी कॉलोनी यमुना के फ्लड प्लेन यानी ओ-जोन क्षेत्र में स्थित है, जिसे डीडीए की जमीन माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान सबसे पहले यही इलाका प्रभावित होता है और बाढ़ का पानी कॉलोनी तक पहुंच जाता है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों की जान-माल पर गंभीर खतरा बना रहता है।

 

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और पुरानी दिल्ली के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट डॉ. शशिपाल डबास की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि लगातार बाढ़ और आपदा की स्थिति के कारण प्रशासन को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में भारी संसाधन लगाने पड़ते हैं। इसी आधार पर क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए लोगों को स्वेच्छा से मकान खाली करने को कहा गया है।

 

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर लोगों ने अपने घर और सामान नहीं हटाए तो प्रशासन बिना किसी अतिरिक्त सूचना के अतिक्रमण हटाने और तोड़फोड़ की कार्रवाई कर सकता है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यह नोटिस अन्य लागू कानूनों के तहत की जा सकने वाली कानूनी कार्रवाई को प्रभावित नहीं करेगा। प्रशासन ने इसे जन सुरक्षा और आपदा जोखिम कम करने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बताया है।

 

दूसरी ओर, इलाके के लोगों में नोटिस के बाद चिंता और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मामला पहले से अदालत में लंबित है और उन्हें हाई कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। लोगों का आरोप है कि जब विवाद न्यायालय में विचाराधीन है तो प्रशासन इस तरह की कार्रवाई कैसे कर सकता है। कई परिवारों ने कहा कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक मकान खाली करने के आदेश से उनके सामने रहने और पुनर्वास का संकट खड़ा हो गया है।

 

 

स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनी में रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़े हैं और उनके पास वैकल्पिक आवास की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में नोटिस जारी होने के बाद इलाके में असमंजस और भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय निवासियों के बीच इस मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।

Explore Related Topics

दिल्ली यमुना बाजार

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →