Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

इटावा की मंत्रवती शाक्य बनीं ग्रामीण उद्यमिता की मिसाल

UP News: इटावा की मंत्रवती शाक्य ने स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट और रागी की खेती से सालाना तीन लाख की आय हासिल की। 50 से अधिक महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण।
News Desk
News Desk News Desk
03 Jan 2026
08:08 PM
1 min read
इटावा की मंत्रवती शाक्य बनीं ग्रामीण उद्यमिता की मिसाल
हाइलाइट्स
UP News: इटावा की मंत्रवती शाक्य ने स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट और रागी की खेती से सालाना तीन लाख की आय हासिल की। 50 से अधिक महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण।


>उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भतोरा गांव की रहने वाली मंत्रवती शाक्य ने आधुनिक खेती अपनाकर ग्रामीण क्षेत्र में आय और रोजगार की नई राह दिखाई है। सीमित संसाधनों से शुरुआत करने वाली मंत्रवती आज स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट और रागी की खेती से सालाना करीब तीन लाख रुपये की कमाई कर रही हैं।


>इटावा मुख्यालय से लगभग नौ किलोमीटर दूर स्थित भतोरा गांव की मंत्रवती शाक्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ीं। आठवीं तक शिक्षित मंत्रवती ने कोरोना काल में आधुनिक और बाजारोन्मुख खेती को अपनाया। वर्तमान में वह एक बीघा क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रही हैं, जिसकी फसल अक्टूबर से मार्च के बीच तैयार होती है। इसके साथ ही तीन बीघा क्षेत्र में ड्रैगनफ्रूट की खेती की जा रही है, जो एक बार के निवेश के बाद लगभग 20 वर्षों तक उत्पादन देती है। रागी जैसे मोटे अनाज की खेती भी उनके आय स्रोतों में शामिल है, जिसकी फसल पांच से छह महीने में तैयार हो जाती है।


>मंत्रवती न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि जिले के विभिन्न ब्लॉकों की 50 से अधिक महिलाओं को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण भी दे चुकी हैं। वह स्वयं सहायता समूह बनाकर काम शुरू करने की प्रक्रिया, बैंक खाता खुलवाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने तक मार्गदर्शन करती हैं। ब्लॉक स्तर पर तैनात समूह सखियां इस प्रक्रिया में सहयोग करती हैं, जिसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।


>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रूरल डेवलपमेंट की विशेष योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रवती को उनके कार्यों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दो बार सम्मानित किया जा चुका है। आगामी गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में वह विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी।


>राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने बताया, कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों से स्वयं सहायता समूहों की 30 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है, जिसे आगे बढ़ाकर एक करोड़ ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा। मंत्रवती शाक्य की उपलब्धियां ग्रामीण महिलाओं के लिए आधुनिक खेती और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आय वृद्धि के अवसरों को दर्शाती हैं।

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News