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लखनऊ में सरकारी डे केयर सेंटर का जर्जर गेट गिरा, 8 वर्षीय बच्चे की मौत

निशातगंज स्थित बचपन डे केयर सेंटर में खेलते समय हुआ हादसा, प्रशासन ने जांच और मुआवजे का दिया आश्वासन।
Bureau
Bureau News Desk
30 May 2026
02:27 PM
1 min read
लखनऊ में सरकारी डे केयर सेंटर का जर्जर गेट गिरा, 8 वर्षीय बच्चे की मौत
हाइलाइट्स
निशातगंज स्थित बचपन डे केयर सेंटर में खेलते समय हुआ हादसा, प्रशासन ने जांच और मुआवजे का दिया आश्वासन।

 

राजधानी लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र स्थित निशातगंज में संचालित सरकारी बचपन डे केयर सेंटर में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। सेंटर परिसर में खेल रहे 8 वर्षीय बच्चे की जर्जर लोहे का गेट गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मामले की जांच कराने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की बात कही है।

 

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान बहराइच जिले के बंजारी मोड़ धन्नीपुर निवासी विक्रम कश्यप के पुत्र शिवा के रूप में हुई है। शिवा अपनी मां ललिता के साथ गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए चार दिन पहले लखनऊ स्थित अपने ननिहाल आया था।

 

बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह नाश्ता करने के बाद शिवा अपने भाई-बहनों और अन्य बच्चों के साथ बचपन डे केयर सेंटर में खेलने पहुंचा था। इसी दौरान परिसर में लगा भारी लोहे का गेट अचानक भरभराकर गिर गया और शिवा उसके नीचे दब गया।

 

हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और रोते-चिल्लाते हुए लोगों को बुलाने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन गेट का वजन अधिक होने के कारण उसे तुरंत हटाया नहीं जा सका। काफी देर तक बच्चा गेट के नीचे दबा रहा। जब तक गेट हटाया गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

 

घटना की सूचना मिलने पर महानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही बच्चे के ननिहाल पक्ष के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

मृतक के मामा राहुल कश्यप ने बताया कि उनकी बहन ललिता चार दिन पहले बच्चों के साथ लखनऊ आई थीं। शिवा शनिवार सुबह खेलने के लिए डे केयर सेंटर पहुंचा था, जहां यह हादसा हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गेट काफी पुराना और जर्जर था तथा उसका रखरखाव नहीं कराया गया था। उनका कहना है कि गेट इतना भारी था कि मौके पर मौजूद लोग उसे तुरंत नहीं उठा सके।

 

शिवा 

 

 

राहुल कश्यप के अनुसार, गेट करीब 10 से 15 वर्ष पुराना बताया जा रहा है और लंबे समय से उसकी मरम्मत या मेंटेनेंस नहीं कराया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले भी इस स्थान पर छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।

 

घटना की जानकारी मृतक के पिता विक्रम कश्यप को भी दे दी गई है। परिवार के अनुसार वह चेन्नई में निजी नौकरी करते हैं और सूचना मिलने के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं। मामले में एसडीएम सदर मनोज सिंह ने कहा कि डे केयर सेंटर में गेट के जर्जर होने संबंधी आरोपों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

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