मलिहाबाद के कसमंडी कलां से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में समाजवादी छात्र सभा के महासचिव मनोज पासवान ने शुक्रवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास में प्रेस वार्ता कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
प्रेस वार्ता के दौरान मनोज पासवान ने कहा कि कसमंडी कलां विवाद को धार्मिक उन्माद से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जा सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह विवाद भाजपा और आरएसएस की साजिश का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज को ऐसे विवादों में उलझने के बजाय शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मनोज पासवान ने यह भी मांग की कि यदि प्रशासन मामले की विस्तृत जांच नहीं कराता है तो विवादित संपत्ति के संबंध में उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि कसमंडी कलां स्थित विवादित स्थल को लेकर पहले भी विरोध-प्रदर्शन हो चुके हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन द्वारा क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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