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मोबाइल चोरी के बाद ऐसे खाली कर देते थे बैंक खाते, लखनऊ में 5 शातिर गिरफ्तार

चोरी किए गए मोबाइल से बनाते थे नई UPI ID, खाताधारकों की जानकारी के बिना निकालते थे रकम।
Bureau
Bureau News Desk
08 Jun 2026
04:34 PM
1 min read
मोबाइल चोरी के बाद ऐसे खाली कर देते थे बैंक खाते, लखनऊ में 5 शातिर गिरफ्तार
हाइलाइट्स
चोरी किए गए मोबाइल से बनाते थे नई UPI ID, खाताधारकों की जानकारी के बिना निकालते थे रकम।

 

राजधानी लखनऊ की सैरपुर पुलिस और डीसीपी उत्तरी की क्राइम टीम ने मोबाइल चोरी के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी किए गए मोबाइल फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप और यूपीआई सेवाओं का दुरुपयोग कर खाताधारकों के बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 7 सिम कार्ड, 2 एटीएम कार्ड, चार्जर, मल्टी चार्जिंग केबल, 22,260 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त हुंडई वर्ना कार बरामद की है।

 

 

पुलिस के अनुसार 7 जून 2026 को सैरपुर थाना क्षेत्र निवासी सरोज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया है। शिकायत में बताया गया कि मोबाइल चोरी होने के बाद उसमें उपलब्ध बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग कर उनके एक्सिस बैंक खाते से 1.36 लाख रुपये और पंजाब नेशनल बैंक खाते से 54 हजार रुपये निकाल लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सैरपुर पुलिस, क्राइम टीम और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया।

 


एडीसीपी ट्विंकल जैन

 

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। 8 जून को गोमती पुल से किसान पथ की ओर जा रही एक हुंडई वर्ना कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और नकदी मिली। इसके बाद वाहन में मौजूद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य व्यस्त इलाकों में मोबाइल फोन चोरी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन में यदि बैंकिंग ऐप, यूपीआई सेवाएं और सक्रिय सिम कार्ड मौजूद होते थे तो आरोपी उनका इस्तेमाल कर नई यूपीआई आईडी बनाते थे। इसके बाद खाताधारक की जानकारी के बिना बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस के अनुसार यह गिरोह संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी और आर्थिक अपराध को अंजाम दे रहा था।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • सतेंद्र सिंह उर्फ अजय (औरैया)
  • देशराज (शाहजहांपुर)
  • प्रवीण कुमार श्रीवास्तव (हाथरस)
  • रामसुमेर (हरदोई)
  • सत्यम (औरैया)

पुलिस सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।

 

लखनऊ पुलिस ने नागरिकों से मोबाइल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि मोबाइल फोन को पासवर्ड, फिंगरप्रिंट या फेस लॉक से सुरक्षित रखें। मोबाइल चोरी होने की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन, साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही यूपीआई पिन, ओटीपी और अन्य बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

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