ओपी राजभर (फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा व्यक्तिगत और राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता अपने परिवार के सम्मान के मुद्दे पर साथ नहीं खड़ा हुआ, वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा कैसे करेगा।
एक निजी कार्यक्रम में संतकबीर नगर पहुंचे राजभर ने कहा, जो नेता अपनी पत्नी पर हुई अभद्र टिप्पणी के समय उनके साथ नहीं खड़ा हुआ, वह देश की महिलाओं का साथ क्या देगा? इस बयान के जरिए उन्होंने अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता और महिलाओं के प्रति उनके रुख पर सवाल उठाए। राजभर ने आगे आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सार्वजनिक रूप से भाजपा का विरोध करते हैं, लेकिन निजी तौर पर दबाव में रहते हैं। उन्होंने कहा, दिन में भाजपा का विरोध करते हैं, लेकिन रात में सीबीआई के डर से गुलदस्ता लेकर योगी-मोदी की शरण में पहुंच जाते हैं। साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के मामले का जिक्र करते हुए पूछा कि एक ही एफआईआर में नाम होने के बावजूद अलग-अलग स्थिति क्यों है।
पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने दावा किया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने कहा कि जनता मौजूदा सरकार से असंतुष्ट है और अब केंद्र नेतृत्व के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि आगामी परिणामों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना है। राजभर ने विपक्षी एकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह गठबंधन केवल बैठकों और फोटो तक सीमित है। उन्होंने कहा विपक्ष के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही ऐसा नेतृत्व जिस पर जनता भरोसा कर सके। चुनाव आते-आते यह गठबंधन बिखर जाएगा।
राजभर ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान शासन में गरीबों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास की गति तेज हुई है, जिससे विपक्ष हताश नजर आ रहा है।
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