उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में रविवार को दूसरी बार मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 8 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिली, जबकि 2 राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया।
समारोह में सबसे पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने शपथ ली। इसके बाद समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा के करीब आए विधायक मनोज पांडेय ने मंत्री पद की शपथ ली। दोनों नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके बाद अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर ने शपथ ली। दोनों नेताओं को प्रमोशन देते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को राज्य मंत्री बनाया गया है।
योगी सरकार के इस विस्तार में सामाजिक समीकरणों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। नए मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित वर्ग से आने वाले नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है। भाजपा आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश करती नजर आई। नई मंत्री बनीं कृष्णा पासवान की कहानी भी चर्चा में रही। वह पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम कर चुकी हैं। उनके मंत्री बनने को संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
शपथ ग्रहण के बाद अजीत पाल, सोमेंद्र तोमर, कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। समारोह में भाजपा संगठन और सरकार के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस विस्तार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिलाकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 60 हो गई है। इससे पहले योगी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार 5 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले किया गया था।
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