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204 करोड़ पौधों से गूंजी ‘धरती मां’ की जयकार

‘एक पेड़ मां के नाम’: योगी का हरित क्रांति अभियान, 204 करोड़ पौधों से सजाई धरती माता की गोद!
News Desk
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09 Jul 2025
04:49 AM
1 min read
204 करोड़ पौधों से गूंजी ‘धरती मां’ की जयकार
हाइलाइट्स
‘एक पेड़ मां के नाम’: योगी का हरित क्रांति अभियान, 204 करोड़ पौधों से सजाई धरती माता की गोद


>अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान 2025 के तहत अयोध्या की त्रिवेणी वाटिका में बरगद, पीपल और नीम जैसे पवित्र वृक्षों का रोपण कर उन्होंने इसे धरती माता और जन्मदायिनी मां को समर्पित किया। योगी सरकार का यह हरित संकल्प अब प्रदेश को ग्रीन उत्तर प्रदेश में बदलने की ओर अग्रसर है।


>मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बीते आठ वर्षों में प्रदेशभर में 204 करोड़ पौधे रोपे गए, जिनमें से 75% पौधे जीवित हैं। इसका परिणाम यह रहा कि 5 लाख एकड़ भूमि पर वनाच्छादन बढ़ा है। यह अभियान न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि किसानों की आजीविका सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का एक ठोस उपाय बन चुका है।


>“हीटवेव को ग्रीनवेव में बदला है” – योगी


>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मौसम की मार झेलते प्रदेश को हरियाली की चादर ओढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा, “हमने हीटवेव को ग्रीनवेव में बदला है।” उन्होंने वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस का उल्लेख करते हुए कहा कि वृक्षों में भी जीवन होता है, और वे मिट्टी का संरक्षण, फल-छाया और प्रदूषण नियंत्रण में अमूल्य भूमिका निभाते हैं।


>“एक पेड़ मां के नाम” – भावनात्मक और वैज्ञानिक अभियान


>‘एक पेड़ मां के नाम’ को मुख्यमंत्री ने संवेदनाओं से जोड़ते हुए इसे धरती माता और जन्मदायिनी माता के प्रति आभार व्यक्त करने का अभियान बताया। उन्होंने वैदिक उद्घोष “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” के माध्यम से इसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव से जोड़ा।


>इस अभियान के माध्यम से योगी सरकार पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान की ज़रूरत और भविष्य की ज़िम्मेदारी के रूप में प्रचारित कर रही है।


>जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध योजनाबद्ध रणनीति


>योगी ने जलवायु परिवर्तन को वैश्विक संकट बताते हुए कहा कि अनियोजित विकास के कारण अतिवृष्टि, सूखा और बादल फटना जैसी आपदाएं बढ़ी हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश ने वन विभाग, मनरेगा और निजी संस्थानों के सहयोग से 52 करोड़ पौधे तैयार कर लिए हैं – यह जनसहभागिता का बड़ा उदाहरण है।


>किसान भी हुए लाभान्वित: कार्बन क्रेडिट से बढ़ी आमदनी


>अभियान से किसानों को आर्थिक लाभ भी मिला है। कार्बन फाइनेंसिंग के तहत एक पेड़ पर प्रति वर्ष 6 डॉलर तक की आमदनी दी जा रही है। पिछले वर्ष 25,000 किसानों को लाभ मिला और इस वर्ष 42 लाख रुपये का कार्बन क्रेडिट सात कमिश्नरियों के किसानों को दिया जाएगा।


>बदल रही अयोध्या की तस्वीर: अब सोलर सिटी


>सीएम योगी ने कहा कि “जो अयोध्या कभी वीरान थी, वह आज त्रेतायुगीन वैभव की ओर अग्रसर है।” उन्होंने इसे देश की पहली सोलर सिटी बनाने, मियावाकी वन, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तिलोदकी नदी के पुनर्जीवन जैसी योजनाओं को इसका प्रमाण बताया।


>“यह अभियान हर परिवार की भागीदारी का प्रतीक बने”


>मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि वे इस अभियान को घर-घर का संकल्प बनाएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान सांझे उत्तरदायित्व का प्रतीक है, और इसमें प्रदेशवासियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

 

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