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घुसपैठियों को नहीं, वास्तविक मतदाताओं को वोट का अधिकार: संदीप सिंह

UP Political News: अतरौली में अटल स्मृति सम्मेलन एवं SIR कार्यशाला में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने शुद्ध मतदाता सूची, लोकतंत्र और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों पर बात की।
News Desk
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30 Dec 2025
07:03 PM
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घुसपैठियों को नहीं, वास्तविक मतदाताओं को वोट का अधिकार: संदीप सिंह
हाइलाइट्स
UP Political News: अतरौली में अटल स्मृति सम्मेलन एवं SIR कार्यशाला में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने शुद्ध मतदाता सूची, लोकतंत्र और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों पर बात की।


>अतरौली के एनेक्सी भवन में आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन एवं SIR अभियान कार्यशाला में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती शुद्ध मतदाता सूची से ही सुनिश्चित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR का उद्देश्य वास्तविक और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है, न कि किसी को मताधिकार से वंचित करना।


>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और मर्यादा को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और स्वर्गीय कल्याण सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के संगठन को सिद्धांतों, सेवा और संघर्ष के आधार पर सशक्त किया। उस दौर में, जब पार्टी का जनाधार सीमित था, दोनों नेताओं ने सत्ता को लक्ष्य नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आचरण को राजनीति का आधार बनाया।


>मंत्री ने कहा कि अटल जी लोकतंत्र को केवल मतदान की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नैतिक उत्तरदायित्व और जनविश्वास की व्यवस्था मानते थे। इसी विचारधारा के अनुरूप मतदाता सूची की शुद्धता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि SIR का उद्देश्य बाहरी घुसपैठियों द्वारा मतदान जैसी असंवैधानिक स्थितियों पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित हो सके।


>संदीप सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा संचालित SIR एक संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इसे लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR को मतदाताओं के नाम हटाने या गलत नाम जोड़ने के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि यह प्रक्रिया पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। मंत्री के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों ने अपने स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रक्रिया में लगाया, लेकिन सार्वजनिक रूप से भ्रम की स्थिति बनाई गई।


>उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि SIR के तहत वर्ष 2003 से पूर्व यहां निवास करने वाले परिवारों के सदस्यों को मताधिकार दिया जा रहा है। इससे पहले जिनका कोई पारिवारिक आधार नहीं था, उनकी पात्रता का निर्धारण विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि बाहरी घुसपैठियों द्वारा मतदान संविधान के मूल भाव के विरुद्ध है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।


>कार्यशाला में मंत्री ने दोहराया कि शुद्ध मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है तथा SIR इसी दिशा में एक संवैधानिक कदम है।

 

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