Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, लेकिन कीमतें क्यों नहीं घटीं? जानिए पूरा मामला

सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी तो घटाई, फिर भी ग्राहकों की जेब पर क्यों नहीं दिख रहा असर। जानिए क्यों नहीं मिली राहत और और क्या है पूरा गणित।
Bureau
Bureau News Desk
27 Mar 2026
01:03 PM
1 min read
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, लेकिन कीमतें क्यों नहीं घटीं? जानिए पूरा मामला
हाइलाइट्स
सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी तो घटाई, फिर भी ग्राहकों की जेब पर क्यों नहीं दिख रहा असर। जानिए क्यों नहीं मिली राहत और और क्या है पूरा गणित।

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। हालांकि इस फैसले के बाद भी उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में राहत नहीं मिली है, जिससे आम लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं।

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए उठाया गया है। वहीं सरकार ने डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ / एविएशन टरबाइन फ्यूल पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क भी लगाया है, ताकि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।

 

दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर असर के चलते ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह वही मार्ग है, जिससे दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है। 28 फरवरी के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और यह करीब 48% बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

 

विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति का सीधा असर भारत की ओएमसीस पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनियां पेट्रोल पर करीब 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान उठा रही हैं। यही कारण है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दामों में तत्काल कमी नहीं दिखाई दी।

 

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे या तो कीमतों में भारी बढ़ोतरी की जाए या फिर राजस्व पर दबाव लेकर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। सरकार ने दूसरा विकल्प चुना है।

 

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल यह कदम तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए है, न कि सीधे तौर पर उपभोक्ता कीमतों को घटाने के लिए। ग्लोबल मार्किट की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों के रुख के आधार पर आने वाले समय में ईंधन कीमतों में बदलाव संभव माना जा रहा है।

 

 

Explore Related Topics

petrol diesel price India excise duty cut crude oil price rise Iran war oil impact

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →