UP News: विजयादशमी के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर से निकली पारंपरिक शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मानवीय पहल से जुड़ा एक घटनाक्रम फिर चर्चा में है। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और शोक के बीच एक एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई दी। मुख्यमंत्री ने सायरन की आवाज सुनते ही एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए शोभायात्रा को कुछ देर रुकवा दिया।
सीएम के निर्देश पर सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत रास्ता खाली कराया, जिसके बाद एंबुलेंस आगे निकल सकी। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशीलता को परंपरा और प्रोटोकॉल के बीच मानवीय जीवन को प्राथमिकता देने के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। गोरखनाथ मंदिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा आगे बढ़ रही थी। मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी।
विजयादशमी शोभायात्रा के पर सुरक्षा के मद्देनजर कड़े इंतजाम किये गये थे। यात्रा के दौरान मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भीड़ की वजह से रास्ते में फंस गयी। उसके आगे बढ़ने में परेशानी होने लगी। एंबुलेंस के सायरन की आवाज जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनी। उन्होंने तत्काल अपने सुरक्षाकर्मियों को उसे रास्ता देने का निर्देश दिया। इसके बाद शोभायात्रा को कुछ देर के लिए रोक दिया और सुरक्षाकर्मियों ने एंबुलेंस के निकलने के लिए जगह बनवाई।
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी स्थिति को समझते हुए सहयोग किया। भीड़ के बीच रास्ता तुरंत खाली कराया गया, जिसके बाद एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ गयी। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस मानवीय पहल की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन और भारी भीड़ के बीच एंबुलेंस को प्राथमिकता देना संवेदनशीलता का परिचायक है।
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