Panchkula School Incident: पंचकूला सेक्टर-20 के सरकारी स्कूल में दिल दहला देने वाली घटना हुई है। क्लास रूम के अंदर तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे ने नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची पर बेरहमी से हमला किया। छात्र इतने गुस्से में था कि उसने ईंट से छह साल की मासूम बच्ची के चेहरे पर एक के बाद एक कई वार किए।हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई, लेकिन हमला कर रहे बच्चे का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बच्ची की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उसका पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना 28 अक्टूबर की शाम की बताई जा रही है। स्कूल में उस समय इवनिंग क्लास चल रही थी। शिक्षकों की कमी के चलते दोनों बच्चे एक ही कक्षा में बैठते थे। कक्षा पहली मंजिल पर है। किसी बात को लेकर दोनों बच्चों में झगड़ा हो गया और उसने बच्ची पर बेरहमी से हमला कर दिया। सबसे चिंताजनक बात ये रही कि, स्कुल कि छुट्टी के समय तक किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगी। इसका पता तब चला जब छुट्टी होने पर ऑटो चालक बच्ची को लेने आया। वह नहीं मिली तो चालक ने बच्ची के पिता को फोन पर जानकारी दी । इसके बाद पिता स्कूल पहुंचे। उसी दौरान पिता ने हमलावर बच्चे से ही पूछा तो, उसने बताया कि उनकी बेटी घायल हालत में क्लास में ही पड़ी है।
बच्ची के पिता बेटी को पंचकूला के सेक्टर-6 में प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां से उसे पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इस मामले को स्कूल प्रशासन और पुलिस ने दो दिन तक दबाए रखा। अब पुलिस तर्क दे रही है कि वह दो दिन मामले की जांच कर रहे थे। घटना का वीडियो भी वायरल है। घटना के समय क्लास खाली थी। वीडियो में हमलावर छात्र पहले बच्ची को थप्पड़ और फिर पैर से मारते दिख रहा है। उसने बच्ची का सिर बैंच पर पटका और जमीन पर गिराकर उसके चेहरे पर किक मारीं । यही नही, हदे तब पार हुई जब बच्चा कहीं से ईंट लेकर आया और बच्ची के सिर पर मार हमला कर दिया। उसने बच्ची को फर्श पर घसीटा और उस पर वार भी करता रहा। इस बच्चे की हैवानियत देख हर कोई हैरान है । इतनी कम उम्र में उस हमलावर बच्चे ने इंन्सानियत कि सारी हदे पार दी ।
रिपोर्ट के मुताबिक छात्र ने बच्ची के सिर व चेहरे पर ईंट से कम से कम 12 वार किए। बच्ची ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में उपचाराधीन है। सेक्टर-20 थाना प्रभारी यशदीप ने स्कूल प्रबंधन से फुटेज की जानकारी मांगी है। हमला करने वाला बच्चा नौ से 10 साल का है और घायल बच्ची की उम्र छह साल है। बच्ची पर बर्बरता से किए गए हमले का वीडियो क्लासरूम में लगे सीसीटीवी में कैद हुआ है। घटना की वीडियो इतना भयानक था कि फुटेज को देखने समय स्टाफ और परिवार वालों की चीखें निकल गई। घटना के बाद स्टाफ व परिवार के लोगों ने हमला करने वाले बच्चे से भी पूछताछ की, लेकिन वह अभी तक बच्ची पर हमला करने की वजह नहीं बता पाया है।
पीजीआई चंडीगढ़ के ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही मासूम बच्ची के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि अगर स्कूल प्रशासन थोड़ा भी सतर्क रहता या पुलिस तुरंत सख्त कार्रवाई करती, तो शायद उनकी बेटी इस दर्दनाक हादसे का शिकार न होती। स्थानीय लोगों और परिजनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी जांच नहीं हुई, तो ऐसे हादसों से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और आम बच्चों की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस मामले में सिर्फ खानापूर्ति करती है या फिर इस लापरवाही के असली जिम्मेदारों पर कार्यवाही करती है ।
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