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आप गिरफ्तार हैं’: कॉल आई और उड़ गई करोड़ो की जमा पूंजी

CBI अधिकारी बन ठगे ₹1.29 करोड़! रिटायर्ड वैज्ञानिक को डिजिटल गिरफ़्तारी में फंसाया
News Desk
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06 Jul 2025
12:13 AM
1 min read
आप गिरफ्तार हैं’: कॉल आई और उड़ गई करोड़ो की जमा पूंजी
हाइलाइट्स
CBI अधिकारी बन ठगे ₹1
29 करोड़
रिटायर्ड वैज्ञानिक को डिजिटल गिरफ़्तारी में फंसाया


>तकनीक का गलत इस्तेमाल कर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी में सामने आया है। 72 वर्षीय सेवानिवृत्त वैज्ञानिक शुकदेव नंदी को व्हाट्सएप कॉल के जरिए फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराया गया और ₹1.29 करोड़ की ठगी कर ली गई। इस साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने शुक्रवार को चार शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।

वैज्ञानिक को बना डाला ‘डिजिटल अपराधी’


>शुकदेव नंदी, जो बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक हैं, को एक दिन व्हाट्सएप कॉल आई। कॉलर ID पर बेंगलुरु सिटी पुलिस का लोगो था। कॉल करने वालों ने खुद को CBI अधिकारी “दयानायक” बताया और कहा कि उनके आधार से जुड़ी सिम का उपयोग मानव तस्करी व जॉब स्कैम में हुआ है।

तीन दिन में लुटा दी ज़िंदगी की कमाई


>भयभीत नंदी को कहा गया कि उनके बैंक खाते में अवैध धनराशि है, जिसे सीज़ किया जा सकता है। इसके बाद तीन दिनों तक दबाव बनाकर उनसे ₹1.29 करोड़ कई खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।

FIR और STF की दबिश, चार गिरफ्तार


>जब नंदी को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं, तो बरेली साइबर थाने में 26 जून को एफआईआर दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 319(2), 308(6), 61(2), 111 व आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत दर्ज किया गया। जांच में STF को शामिल किया गया।


>गोपनीय सूचना के आधार पर STF ने गोंमतीनगर एक्सटेंशन स्थित एक फ्लाईओवर के पास शुक्रवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

  • श्याम कुमार (सीतापुर)
  • रजनीश द्विवेदी व सुधीर कुमार चौरसिया (गोंडा)
  • महेंद्र प्रताप सिंह उर्फ चंदन सिंह (बलरामपुर)


>ये सभी वर्तमान में लखनऊ में रह रहे थे और एक संगठित साइबर गिरोह का हिस्सा थे।

मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी


>STF अधिकारियों के मुताबिक गिरोह में और भी कई सदस्य शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। जल्द ही इस ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क की पूरी जड़ तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

 

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