Azam Khan: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रामपुर जेल से रिहा हुए। देर शाम जेल से रिहा होने के बाद तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आजम को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद की विशेष अदालत में रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आजम खान को पेश किया गया।
वरिष्ठ नेता आजम खान की गाजियाबाद कोर्ट में पेशी के मद्देनजर कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग भी कोर्ट परिसर में एकत्रित हुए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। उल्लेखनीय है कि ईडी ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है।
ईडी आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करने के बाद उनसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है। जांच एजेंसी का उद्देश्य ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं की जानकारी एकत्रित करना है। ईडी पूछताछ के दौरान इस मामले में ट्रस्ट से संबंधित गतिविधियों, वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है। आजम खान से पूछताछ के जरिए ईडी इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को भी स्पष्ट करना चाहती है।
वरिष्ठ नेता आजम खान की गाजियाबाद कोर्ट पेशी की जानकारी मिलते ही कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पेशी के दौरान मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे परिसर में पुलिसकर्मी तैनात किये गये है और स्थिति पर लगातार नजर जा रही है। विदित हो कि ईडी ने साल 2019 में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के जौहर ट्रस्ट के खिलाफ हुई एक शिकायत पर एफआईआर दर्ज किया था। जांच में 494 करोड़ का हिसाब-किताब न मिलने पर आजम खान और जौहर ट्रस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज कराया गया था।
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