नई दिल्ली। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों से जुड़े यौन शोषण और अश्लील सामग्री के मामलों पर रोक लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने नई पहल शुरू की है। राजधानी में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर 'टिप लाइन शिकायत' कार्यक्रम लागू किया गया है, जिसके तहत बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री या संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य डिजिटल मंचों पर बच्चों के यौन शोषण, दुर्व्यवहार और बाल अश्लील सामग्री से जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्चों से जुड़े यौन अपराधों और अश्लील सामग्री के प्रसार से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इनमें बच्चों को अश्लील सामग्री दिखाना, उन्हें ऐसी गतिविधियों में शामिल करना, बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री साझा करना, यौन उत्पीड़न के वीडियो बनाना, उन्हें सुरक्षित रखना, प्रसारित करना या किसी अन्य माध्यम से साझा करना शामिल है।
इसके अलावा बाल अश्लील सामग्री देखना, डाउनलोड करना, संग्रहित करना अथवा किसी समूह या अन्य डिजिटल मंच पर प्रसारित करना भी कानून के दायरे में आएगा और ऐसे मामलों में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, 'टिप लाइन शिकायत' व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक सूचना की निगरानी की जाएगी। जैसे ही किसी संदिग्ध सामग्री या गतिविधि की शिकायत दर्ज होगी, साइबर इकाई जांच शुरू करेगी। आवश्यक तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के तहत दिल्ली पुलिस विभिन्न तकनीकी कंपनियों और प्रमुख सोशल मीडिया मंचों के साथ भी समन्वय कर रही है, ताकि बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक डिजिटल कंटेंट को शीघ्र चिन्हित कर हटाने और अपराधियों तक पहुंचने की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश चन्द्र श्रीवास्तव ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी डिजिटल मंच पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री दिखाई दे तो उसे आगे साझा न करें। इसके बजाय उसकी सूचना तत्काल संबंधित एजेंसियों को दें।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या दिल्ली पुलिस की हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती हैं। उनका कहना है कि समय पर दी गई सूचना बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पिछले महीने दिल्ली के महरौली क्षेत्र में 10-11 वर्षीय बच्ची के कथित अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि परिवार के साथ सड़क किनारे सो रही बच्ची का अपहरण कर उसे गुरुग्राम के जंगलों में ले जाया गया था। इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल माध्यमों से जुड़े अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस ने निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
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