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Ayodhya Deepotsav 2026: रंगों और रील के जरिए दुनिया देखेगी अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, 2 नवंबर तक आवेदन

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या की संस्कृति, धार्मिक स्थलों, पुरानी परंपराओं और विकास की नई तस्वीर को लोगों तक पहुंचाने के लिए दीपोत्सव-2026 में खास पहल की जा रही है।
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Bureau News Desk
24 Oct 2026
03:51 PM
1 min read
Ayodhya Deepotsav 2026: रंगों और रील के जरिए दुनिया देखेगी अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, 2 नवंबर तक आवेदन
सोर्स-फाइल फोटो
हाइलाइट्स
दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की झलक दिखाने का मौका
चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिता के लिए 2 नवंबर तक करें आवेदन
विजेताओं को सीएम करेंगे सम्मानित
दीपोत्सव-2026 के लिए पर्यटन विभाग की रचनात्मक पहल

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या की संस्कृति, धार्मिक स्थलों, पुरानी परंपराओं और विकास की नई तस्वीर को लोगों तक पहुंचाने के लिए दीपोत्सव-2026 में खास पहल की जा रही है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इनके जरिए देशभर के लोग अपनी कला और हुनर से अयोध्या की खूबसूरती, सांस्कृतिक विरासत और दीपोत्सव की भव्यता को पेश कर सकेंगे। दोनों प्रतियोगिताओं में सभी उम्र के लोग हिस्सा ले सकते हैं। आवेदन और प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है। प्रतियोगिता के विजेताओं को दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सम्मानित किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि लोग अपनी रचनात्मकता के जरिए अयोध्या के पुराने गौरव और बदलते स्वरूप को सामने लाएं। चित्रकला के माध्यम से जहां कलाकार रामनगरी की संस्कृति और परंपराओं को कागज पर उतार सकेंगे, वहीं रील बनाने वाले लोग वीडियो के जरिए नई अयोध्या की तस्वीर दिखा सकेंगे। इस पहल के जरिए 'विकास भी, विरासत भी' की सोच को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। चित्रकला प्रतियोगिता की थीम 'कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव' रखी गई है। इसमें हिस्सा लेने वाले लोगों को जलरंग यानी वॉटर कलर से अपनी पेंटिंग बनानी होगी।

चित्र में अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, पुरानी परंपराओं, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों, विकास कार्यों या दीपोत्सव की भव्यता को दिखाया जा सकता है। पेंटिंग प्रतिभागी की अपनी बनाई हुई होनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने योग्य होनी चाहिए। पहले से प्रकाशित चित्र, नकल करके बनाई गई पेंटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार कलाकृतियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। विषय से अलग, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री वाली पेंटिंग भी प्रतियोगिता में शामिल नहीं होगी।

चित्रकला प्रतियोगिता के लिए यहां करें आवेदन:
https://docs.google.com/forms/d/1Xe32PrX_AVhK_W51G19hY9Zc5IFWqvxArSHxzQqqp9U/edit

30 से 60 सेकंड की रील में दिखाएं नई अयोध्या

वीडियो बनाने में रुचि रखने वाले लोगों के लिए रील मेकिंग प्रतियोगिता रखी गई है। इसकी थीम 'नए रूप में अयोध्या' (Ayodhya in a New Light) है। इसमें प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की मौलिक रील तैयार करनी होगी। रील में अयोध्या के विकास, प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजनों की झलक दिखाई जा सकती है। वीडियो आकर्षक, साफ और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होना चाहिए। इस प्रतियोगिता के जरिए प्रतिभागियों को अपनी सोच और वीडियो बनाने की कला दिखाने का मौका मिलेगा।

रील मेकिंग प्रतियोगिता के लिए यहां करें आवेदन:
https://docs.google.com/forms/d/1miXQMb611-gZ8HOMeLlgtpUTTY2-BZugs3O8MPtwfkw/edit

वीडियो बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

रील में इस्तेमाल होने वाले संगीत, तस्वीरों, वीडियो और अन्य रचनात्मक सामग्री के लिए कॉपीराइट मुक्त संसाधनों का उपयोग करना होगा। किसी दूसरे की सामग्री की नकल करने या बिना अनुमति कॉपीराइट वाली सामग्री इस्तेमाल करने पर प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अलावा भ्रामक, आपत्तिजनक या प्रतियोगिता के विषय से अलग वीडियो भी मान्य नहीं होंगे। एआई से तैयार सामग्री का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाली रील को भी प्रतियोगिता से बाहर किया जा सकता है। इसलिए प्रतिभागियों को अपनी मौलिक रचनात्मकता पर ध्यान देना होगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या देश की आस्था, संस्कृति और विरासत के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव-2026 के तहत होने वाली चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं से युवाओं और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को अयोध्या के बदलते स्वरूप, विकास कार्यों और सनातन संस्कृति को दुनिया के सामने रखने का मौका मिलेगा। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता के माध्यम से अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और विकास की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्व और विकास की कहानी को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं से लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने का अवसर मिलेगा। उन्हें उम्मीद है कि देशभर के प्रतिभागी अपनी कल्पनाशीलता और नए विचारों के जरिए अयोध्या की परंपराओं और दीपोत्सव की भव्यता को व्यापक पहचान दिलाने में योगदान देंगे।

चित्रकला और रील मेकिंग, दोनों प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के इच्छुक लोग संबंधित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए निर्धारित क्यूआर कोड को स्कैन करने का विकल्प भी दिया गया है। दोनों प्रतियोगिताओं के लिए अंतिम तारीख 2 नवंबर है। प्रतियोगिता में सभी आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं। विजेताओं को दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सम्मानित किया जाएगा। इस तरह लोगों को अपनी कला और हुनर के जरिए अयोध्या की संस्कृति, विरासत और विकास को पेश करने का अवसर मिलेगा।

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