UP News: उत्तर प्रदेश में निवेश और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में चार कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुल 1,709.84 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हुआ है। चारों प्रस्ताव गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थापित किए जाने हैं।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024 के तहत चार औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी करने की मंजूरी दी है। इन कंपनियों में हैवेल्स इंडिया लिमिटेड, अमेरिप्राइज इंडिया एलएलपी, मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशन्स सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड और एलजी सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
निवेश प्रस्तावों का विवरण
हैवेल्स इंडिया लिमिटेड: 879 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसकी इकाई नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित की जाएगी।
अमेरिप्राइज इंडिया एलएलपी: कंपनी गौतम बुद्ध नगर के एम्बेसी ऑक्सीजन बिजनेस पार्क में 112.84 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशन्स सपोर्ट सेंटर: इस परियोजना के लिए 84 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इकाई एम्बेसी ऑक्सीजन बिजनेस पार्क में स्थापित की जाएगी।
एलजी सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड: कंपनी नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में 634 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। इन कंपनियों को नीति के प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। कुछ कंपनियों के लिए प्रोत्साहन का निर्धारण मामले के आधार पर किया जाएगा।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 7 मई 2025 को वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024 अधिसूचित की थी। इसके क्रियान्वयन के लिए 7 जनवरी 2026 को संबंधित नियमावली भी जारी की गई। चारों कंपनियों के प्रस्तावों पर उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में विचार किया गया था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद उन्हें लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर ऐसे केंद्र होते हैं, जहां बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां तकनीकी विकास, अनुसंधान, वित्तीय सेवाओं, इंजीनियरिंग, डिजिटल संचालन और अन्य वैश्विक व्यावसायिक कार्यों का संचालन करती हैं। इन केंद्रों की स्थापना से तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही, नोएडा और गौतम बुद्ध नगर में पहले से मौजूद औद्योगिक एवं तकनीकी ढांचे को भी लाभ मिलने की संभावना है।
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