PRAGATI Robotics Park: योगी सरकार ने प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में ‘प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ (PRAGATI) रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना से तकनीकी निवेश, स्वदेशी विनिर्माण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि पार्क का उद्देश्य रोबोटिक्स कंपनियों, तकनीकी स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। परियोजना को दो जोन में विकसित किया जाएगा। पहले जोन के लिए आठ एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। इसका विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर गठित विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) के माध्यम से होगा। इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 26 प्रतिशत और चयनित औद्योगिक साझीदार की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। दूसरे जोन के लिए 61.52 एकड़ भूमि रखी गई है। यहां निजी कंपनियां निवेश करके औद्योगिक इकाइयां और संबंधित सुविधाएं विकसित करेंगी। इस जोन के विकास के लिए राज्य सरकार पर पूंजीगत व्यय का दायित्व नहीं होगा।
पहले जोन के विकास के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 21.1 करोड़ रुपये का इक्विटी अंशदान करेगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार 30 वर्षों के लिए 126.2 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी। औद्योगिक साझीदार का चयन गुणवत्ता-आधारित प्रक्रिया से किया जाएगा। विशेष प्रयोजन कंपनी के पंजीकरण के बाद 36 महीने के भीतर पहले जोन का व्यावसायिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। जरूरत पड़ने पर यह अवधि अधिकतम 48 महीने तक बढ़ाई जा सकेगी।
PRAGATI रोबोटिक्स पार्क में कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग, AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मोशन कैप्चर और डेटा प्रयोगशालाएं शामिल होंगी। इन सुविधाओं से स्टार्टअप और उद्यमियों को नए उत्पाद विकसित करने, तकनीकी परीक्षण करने और GPU आधारित कंप्यूटिंग का उपयोग करने में मदद मिलेगी। साथ ही, रोबोटिक्स उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण और प्रमाणन की क्षमताएं भी मजबूत होंगी। सरकार के अनुमान के मुताबिक पार्क के पूर्ण विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा, परियोजना से लगभग 2,000 करोड़ रुपये का वार्षिक सकल मूल्यवर्धन (GVA) होने की संभावना जताई गई है।
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